Thursday, August 28, 2014

Akhilesh Yadav gives green signal to build 100-room UP Bhawan in Noida

Akhilesh Yadav gives green signal to build 100-room UP Bhawan in Noida
Lucknow, Aug 28: Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav has given a green signal for the construction of a new 100-room UP Bhawan in Noida, near the national capital, an official said on Thursday. The building will be built in Sector 44 over an acre of land.
The chief minister granted permission to use the land near the Mahamaya Girls Inter College on the Expressway for constructing the Bhawan which would be a 100-room plush single-storey building. The building will be constructed by the Rajya Sampatti department, which is likely to buy it from the Noida Authority at a price negotiated at around Rs.65 crore, an official told .
Uttar Pradesh already has two high-value properties in New Delhi – another UP Bhawan and UP Sadan. While the former is used by journalists, legislators and officials on subsidized tarriff, UP Sadan is used by officials of the principal secretary rank and ministers. With the construction of the new UP Bhawan in Noida, officials said the waiting list and unavailability of rooms at the already existing UP Bhawan, which is generally over-booked, will be met.

Some forces trying to create divide in society: Akhilesh Yadav

Some forces trying to create divide in society: Akhilesh YadavLucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav today alleged that some forces were trying to create divide in the society, but his party was determined to counter them.
"There are some forces that are trying to create divide in the society, but SP is determined to counter them," Chief Minister Akhilesh Yadav said while flagging off the first batch of Haj pilgrims here.
"You all should pray for the peace and prosperity of the state and country," he said.
Minority Welfare Minister Mohd Azam Khan praised the CM for his attempts to maintain peace and brotherhood in the state.
He said it was the duty of the government to provide better facilities to Haj pilgrims and added that attempts were underway to improve the facilities.
The Haj Committee of India has selected 25,910 pilgrims form the state.

Sunday, June 22, 2014

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि केन्द्र की भाजपा सरकार कांग्रेस की राह पर चलते हुए जनता को गुमराह करने और मंहगाई की मार से उसकी कमर तोड़ने पर तुल गई है। अच्छे दिनों के झूठे ख्वाब दिखाकर अब मोदी सरकार मतदाताओं से ही दल कर रही है। कांग्रेस की कुनीतियों से परेशान जनता अब पहले से भी ज्यादा बदहाल है। लगता है कारपोरेट घरानों ने चुनाव में भाजपा की जो मदद की थी उसकी भरपाई के रास्ते खोजे जा रहे हैं। मंहगाई रोेकने की झूठी कवायद करके जनता के भरोसे को तोड़ा जा रहा है। फलस्वरूप केन्द्र के जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और कई जगह उसका विस्फोट भी हो रहा है। लेकिन जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील होने के बजाय मोदी सरकार आरएसएस का तानाशाही चरित्र दिखा रही है। अच्छा हो कि केन्द्र सरकार तत्काल अपने निर्णय वापिस ले।
केन्द्र की भाजपा सरकार ने पहले डीजल के दाम बढ़ाएं और फिर रेलवे किराया और मालभाड़े में क्रमशः 14.5 प्रतिशत तथा 6.5 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई। अब केन्द्र सरकार रसोई गैस की कीमत भी बढ़ाना चाहती है। सरकार के ताबड़तोड़ उठाए गए इन कदमों से आम जनता का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित होगा। आम आदमी इन बढ़ी हुई दरों की वजह से बुरी तरह टूट जाएगा। विडंबना है कि केन्द्र सरकार के कुछ मंत्री उक्त निर्णयों का समर्थन कर रहे हैं और अब अगले छह महीनों में स्थिति में सुधार आने का एक और झूठा भरोसा दे रहे है।
डीजल के दाम बढ़ने और रेलवे के मालभाड़े की दरों में वृद्धि के फलस्वरूप सीमेंट, चीनी, नमक, सब्जी, फल, खाद, खाद्यान्न इन सबकी ढुलाई मंहगी होगी तो आम आदमी की रसोई ही नहीं जिदंगी बोझिल हो जाएगी। केन्द्र के निर्णयों का तत्काल असर भी दिखाई देने लगा है। रेलवे की एमएसटी दोगुनी मंहगी कर दी हैं सीमेंट कम्पनियों ने 20 रूपए प्रति बोरा दाम बढ़ाने का संकेत दिया है। कोयला की ढुलाई की दर बढ़ने का असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ेगा। बाजार का माल मंहगा होगा तो व्यापारी उसकी वसूली उपभोक्ता से ही करेगें।
सामान्यतः रेलवे में किराया या मालभाड़ा बढ़ाने की घोषणा रेलवे बजट में की जाती है। मोदी सरकार ने इसके पहले ही ये दरें बढ़ाकर जनता की पीठ में छुरा भोंका है और अपने वायदों का खुद ही मजाक बनाया है। संसद में श्री मुलायम सिंह यादव ने प्रधानमंत्री से पूछा था कि वे मंहगाई रोकने के लिए क्या करने जा रहे हैं और कब तक इस पर नियंत्रण पाएगें? उन्हें इसका जवाब नहीं मिला। पिछली यूपीए सरकार को इसी मुददे पर श्री मुलायम सिंह यादव ने डा0 लोहिया की दाम बांधो नीति के अनुसरण के लिए कहा था। कांग्रेस सरकार ने इस सलाह को नहीं माना और जनता को इसका कुपरिणाम भोगना पड़ा। मोदी सरकार को इससे सबक लेना चाहिए।
(राजेन्द्र चौधरी)
प्रदेश प्रवक्ता

Friday, June 20, 2014

उत्तर प्रदेश बजट

उत्तर प्रदेश बजट २०१४ : विकास की तरफ बढ़ते कदम

बिजली की व्यवस्था मजबूत करने के लिए बिजली की परियोजनाओं हेतु 23,928 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
गाँवों में घरों में शौचालय निर्माण हेतु लगभग 359 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ब्रायलर पैरेन्ट फार्मिंग की 10 इकाई तथा कामर्शियल लेयर फार्मिंग की 80 इकाई स्थापित किये जाने का लक्ष्य, जिससे लगभग 367 करोड़ अण्डे तथा 9 से 10 करोड़ किलोग्राम कुक्कुट माँस प्रतिवर्ष उत्पादित होगा।
”समाजवादी पेंशन योजना“, के लिये 2,424 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
गाजियाबाद शहर में मेट्रो रेल विस्तार कार्यक्रम के अन्तर्गत 1,838 करोड़ रुपये की लागत से 11.11 किलोमीटर लम्बी मेट्रो रेल परियोजना क्रियान्वित।
लखनऊ में चक गंजरिया फार्म में उपलब्ध कुल 846 एकड़ भूमि में से 320 एकड़ भूमि पर अवस्थापना सुविधाओं यथा-100 एकड़ भूमि पर आई0टी0 सिटी, 50 एकड़ भूमि पर भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, 100 एकड़़ भूमि में विश्व स्तरीय कैंसर संस्थान, मेडीसिटी तथा अन्य चिकित्सा सुविधाएं और 20 एकड़ भूमि पर पी0पी0पी0 मोड पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल/कार्डियोलाॅजी सेन्टर, 20 एकड़ भूमि पर आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लाण्ट व 25 एकड़ भूमि पर प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना किये जाने का निर्णय।

ऊर्जा के विकास के कदम
प्रदेश मैं २००० मेगा वाट की विजली की कमी इसको पूरा करने के लिए बजट मैं २२००० करोड़
अनपरा - डी २०१४ तक कार्य करने लगेगी १००० मेगा वाट विजली प्राप्त होने लगेगी
ललितपुर मैं १९८० मेगावाट की परियोजना दिसम्बर २०१४ तक पूरी हो जाएगी
NTPC से २०१६ तक ९१६ मेगावाट विजली प्रदेश को मिलेगी
कोशिश है २०१६-२०१७ तक शहरी चित्रों को २४ घंटे और गावों को १८ घंटी विजली मिले !

CM Akhilesh Yadav presents Rs 2,74,705 cr UP budget; starves sops of funding

Uttar Pradesh CM Akhilesh Yadav is seen giving final touches to the Budget, in Lucknow. (PTI)
Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav today presented a tax freebudget of a size of Rs 2,74,705 crore for this fiscal, with a proposed deficit of Rs 4,132 crore.
The budgetary provisions are higher by 24 per cent as compared to 2013-14 financial year.
While no new taxes have been proposed, there has also been no allocation for the ambitious free laptop, kanya vidyadhan and unemployment allowance promised by the ruling Samajwadi Party in its election manifesto during assembly elections in 2012.
The budget tabled in the assembly, showed an over 24 per cent increase from the last year’s level of Rs 2,21,201.19 crore.
The UP government has given thrust on infrastructural facilities like roads, bridges, irrigation and power sector, making a provision of Rs. 49,108 crore, about 82 per cent more than last time.
The Chief Minister, who is also handling the finance portfolio, in his budget speech stated that in the first phase the government had begun some programmes like unemployment allowance, laptop distribution and Kanya vidhyadhan for the youth.
He said in the second phase, the state government would lay emphasis on providing basic facilities in the rural areas specially in the slums.
Allocations have also been made to promote investment and increaseemployment opportunities.
The budget has, however, made a provision of Rs 2,424 crore for government’s ambitious Samajwadi Pension scheme that targets 40 lakh families, and Rs 7,625 crore for agriculture and associated services, 15 per cent more than last time.
While a provision of Rs 41,538 crore has been made for the 
Education
sector, the government has raised allocation for the medical health and family welfare by 34 per cent to Rs 14,377 crore.

Besides a provision of Rs 25,522 crore has been made under the head of SC/ST, backward, handicapped and minorities welfare and Rs 50 crore for a scheme of rural road scheme named after the ruling party’s late leader Ram Saran Das.

Samajwadi Party always favoured both Hindi and Urdu language in Uttar Pradesh: Akhilesh Yadav



Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav on Friday said that the Samajwadi Partyhas always favoured the use of both Hindu and Urdu as a language and did not give priority to any one of them. ”The Samajwadi Party has always favoured the use of both Hindi and Urdu languages and has never made any one the priority,” said Yadav.

उत्तर प्रदेश बजट 2014-2015 के प्रमुख अंश- किसानों के लिए
सहकारी चीनी मिल संघ की सदस्य मिलों पर गन्ना किसानों के बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान हेतु 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
नेशनल क्राॅप इन्श्योरेन्स योजना हेतु 95 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
भूमि सेना योजना के लिये 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था। 
रसायनिक उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण के लिये 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

Thursday, June 19, 2014

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि लोकतंत्र में विपक्ष से रचनात्मक भूमिका की अपेक्षा की जाती है किन्तु उत्तर प्रदेश में भाजपा और बसपा जैसे दल सिर्फ विरोध के लिए विरोध की राजनीति कर रहे हैं। प्रदेश में राज्य विधान मंडल के बजट सत्र के पहले दिन ही इन दलों के विधायकों ने हंगामा कर संसदीय गरिमा को चोट पहुॅचाने का काम किया है। सदन की कार्यवाही में अवरोध पैदा कर उन्होने जनहित का नहीं जनविरोधी कार्य किया हैं। उनका यह अलोकतांत्रिक आचरण दुर्भाग्यपूर्ण है।
राज्य विधान मंडल में बजट सत्र के दौरान महत्वपूर्ण विधेयकों के अतिरिक्त विकास योजनाओं के लिए बजट पारित होना है। मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कल ही इसमें सबके सहयोग की अपेक्षा की थी। भाजपा ने विधान सभाध्यक्ष द्वारा बुलाई गई बैठक का बहिष्कार किया था। इससे स्पष्ट है कि भाजपा की मंशा प्रारम्भ से ही सिर्फ सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की रही है। आज उसके विधायकों ने धरना देकर सदन को अव्यवस्थित करने में कोई कसर नहीं रखी। बसपा विधायको ने कानून व्यवस्था के नाम पर सदन में अभद्र आचरण कर जता दिया है कि उनका इरादा प्रदेश को बदनाम करना ही है।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव कानून व्यवस्था में सुधार के साथ विकास के एजेण्डा को आगे बढ़ाने को संकल्पित हैं। यह तो भाजपा और बसपा दल भी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में अन्य प्रदेशो के मुकाबले अपराध बहुत कम हैं। मुख्यमंत्री जी ने प्रशासनतंत्र को सख्त आदेश दिए हैं कि किसी भी अप्रिय घटना के घटने पर डीएम,एसपी तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुॅचे और जो दोषी हों उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करे। इसका अपेक्षित प्रभाव भी पड़ा है और शांति व्यवस्था नियंत्रण में हुई है।
सच तो यह है कि लोकसभा चुनावो में जीत का भाजपाई नेताओं को नशा हो गया हैं। वे बहुमत के जनादेश का भी अनादर कर रहे हैं। प्रदेश की जनता द्वारा बुरी तरह से तिरस्कृत बसपा हार की बौखलाहट में उचित अनुचित सही गलत का विवेक ही खो बैठी है। ये दोनों दल समाजवादी पार्टी को ही अपना विरोधी मानकर प्रदेश के विकास के रथ को रोकने की कोशिशो में लग गए है। जनता में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के प्रति जो विश्वास है उससे उन्हें डऱ है और अपनी खीझ मिटाने के लिए ही वे सदन में अशांति और हंगामा करने पर तुल गए हैं। जनता सब देखती और समझती है कि कौन उनका हितैषी है और कौन नहीं है।
(राजेन्द्र चौधरी)
प्रदेश प्रवक्ता

Wednesday, June 18, 2014

लखनऊ । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नरेश अग्रवाल ने केंद्र द्वारा कथित रूप से राज्यपालों से मांगे जा रहे इस्तीफे को प्रजातंत्र के लिए घातक बताते हुए मंगलवार को कहा, ‘यह देश के भगवाकरण की शुरुआत है।’
नरेश अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह राज्यपालों पर दबाव बनाकर इस्तीफे मांगे जा रहे हैं। वह न केवल देश के ‘भगवाकरण’ की शुरुआत है बल्कि विपक्षी दलों की सरकारों के खिलाफ गहरी साजिश का भी हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि देश किसी एक पार्टी की जायदाद नहीं है। सभी पार्टियों को अपनी विचारधारा रखने का अधिकार है। अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार राज्यों में भाजपा और संघ के लोगों को राज्यपाल नियुक्त कर पूरे देश का ‘भगवाकरण’ करना चाहती है, जो प्रजातंत्र के लिए अच्छी खबर नहीं है।

अच्छे दिन लाने का वादा कर सत्ता में आई मोदी सरकार के लिए महंगाई बड़ी मुसीबत बनती दिख रही है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक थोक महंगाई दर मई माह में पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अप्रैल में 5.2 फीसद पर रही थोक महंगाई दर ने मई में 6.01 का स्तर छू लिया है।
मई महीने के थोक महंगाई के आंकड़े खुदरा महंगाई की तुलना में निराशाजनक हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक मई में खुदरा महंगाई तीन महीने के निम्नतम स्तर पर पहुंच गई थी। इससे उम्मीद जगी थी कि महंगाई का ताप और कम होगा, फलत: जल्द ही ब्याज दरों में कटौती का रास्ता साफ होगा। लेकिन खुदरा महंगाई में कमी से जगी उम्मीद को थोक महंगाई में वृद्धि ने धराशायी कर दिया है।
अधिक चिंता की बात यह है कि हाल के दिनों में खासकर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में यकायक वृद्धि होती दिख रही है। खासकर आलू, प्याज और हरी सब्जियों के दाम लगातार चढ़ते जा रहे हैं। प्याज को लेकर आशंका है कि इसकी कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
मुसीबत का सबब यह भी है कि इराक में चल रहे गृहयुद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें बीते नौ महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आए इस उछाल को रपए की कीमत में आई गिरावट की वजह भी माना जा रहा है।
साफ है कि यदि इराक संकट जल्द ही नहीं सुलझा तो आयातित पेट्रो पदार्थो की ऊंची कीमतें महंगाई की समस्या को और बढ़ाएंगी। फिर सरकार के पास या तो डीजल-पेट्रोल पर सब्सिडी बढ़ाने का विकल्प होगा अथवा घरेलू बाजार में इनकी कीमतें बढ़ानी होंगी। दोनों ही सूरतों में महंगाई की चुनौती और अधिक गहराएगी।
बहरहाल, आम लोगों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत खाने-पीने की चीजों की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी है।

लखनऊ । मुख्य सचिव आलोक रंजन ने वूमेन पॉवर लाइन 1090 की सफलता को देखते हुए अब इस सेवा का और विस्तार कर इसके द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ चरणों को एक साथ लागू कराने के निर्देश दिए हैं।
द्वितीय चरण के तहत इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न, तृतीय चरण के तहत सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न व चतुर्थ चरण में महिला उत्पीड़न संबंधी सभी प्रकार के अपराधों में त्वरित कार्रवाई शामिल है।
मुख्य सचिव ने बताया कि यौन एवं शारीरिक उत्पीड़न संबंधी शिकायतों के संबंध में पुलिस जांच के बाद तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में हुई पुलिस कार्रवाई से पीड़िता को अवगत कराया जाएगा व किसी भी शिकायत के संबंध में पीड़िता को थाने या चौकी पर नहीं जाना होगा, बल्कि आवश्यकता होने पर पुलिस स्वयं उनसे सम्पर्क करेगी।
श्री रंजन ने मंगलवार को बताया कि अब प्रदेश के किसी भी स्थान से कोई भी महिला या लड़की सीधे 1090 डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। उसकी पहचान पूर्णत: गोपनीय रखी जाएगी तथा थाने पर नहीं बुलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कॉल महिला पुलिस अधिकारी द्वारा ही सुनी जाएगी तथा समस्या के समाधान तक यह सेवा विक्टिम के सम्पर्क में रहेगी। श्री रंजन ने बताया कि अभी तक वूमेन पॉवर लाइन 1090 द्वारा करीब दो लाख 26 हजार शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। साथ ही प्रत्येक शिकायत के संबंध में तीन बार उसका फीडबैक लेकर पीड़िता की पूर्ण संतुष्टि के उपरान्त ही प्रकरण को निक्षेपित किया जाता है।
वूमेन पॉवर लाइन की लोकप्रियता को देखते हुए प्रदेश के शिक्षण संस्थानों व ग्राम्य पंचायतों को इसकी प्रचार-प्रसार सामग्री भेजे जाने व आवश्यकतानुसार प्रस्तुतीकरण की कार्यवाही की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश ही पहला राज्य है, जहां कोई भी महिला बिना किसी हिचकिचाहट के मात्र एक फोन कॉल करके उत्पीड़न संबंधी शिकायत दर्ज कराकर मदद हासिल कर सकती है।

Samajwadi Party



The Samajwadi Party believes in creating a socialist society, which works on the principle of equality and the party has a secular and democratic outlook. The Samajwadi Party believes in continuously working towards the upliftment of weaker sections of society and it stands against communal forces.
Freedom fighter, socialist and a great Parliamentarian, Ram Manohar Lohia is a guiding light for the Samajwadi Party. Ram Manohar Lohia’s integrity, selfless struggle for India’s independence and his ability to unite people of all sections of society has greatly influenced the leaders, youth and workers in the party. Lohia was jailed by the British several times during the freedom struggle and he fought rigorously all his life for social equality.

Mahatma Gandhi’s ideas greatly influenced Lohia who worked tirelessly during the freedom movement writing articles against the British, raising awareness against British imperialism in Europe, and after India became independent devoted himself to grassroots politics which included farmers cause, development work and fighting against social injustice. He also worked towards putting an end to capitalist-feudalistic tendencies.

Lohia’s ability to awaken the people with his fiery articles on Satyagraha and his innate knowledge of social problems made him the foremost socialist leader of India. Lohia’s ‘Do or Die’ spirit is an inspiration and a guiding force for the Samajwadi Party in its struggle for social upliftment of the poor, backward and socially weaker sections of society.