
द्वितीय चरण के तहत इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न, तृतीय चरण के तहत सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न व चतुर्थ चरण में महिला उत्पीड़न संबंधी सभी प्रकार के अपराधों में त्वरित कार्रवाई शामिल है।
मुख्य सचिव ने बताया कि यौन एवं शारीरिक उत्पीड़न संबंधी शिकायतों के संबंध में पुलिस जांच के बाद तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में हुई पुलिस कार्रवाई से पीड़िता को अवगत कराया जाएगा व किसी भी शिकायत के संबंध में पीड़िता को थाने या चौकी पर नहीं जाना होगा, बल्कि आवश्यकता होने पर पुलिस स्वयं उनसे सम्पर्क करेगी।
श्री रंजन ने मंगलवार को बताया कि अब प्रदेश के किसी भी स्थान से कोई भी महिला या लड़की सीधे 1090 डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। उसकी पहचान पूर्णत: गोपनीय रखी जाएगी तथा थाने पर नहीं बुलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कॉल महिला पुलिस अधिकारी द्वारा ही सुनी जाएगी तथा समस्या के समाधान तक यह सेवा विक्टिम के सम्पर्क में रहेगी। श्री रंजन ने बताया कि अभी तक वूमेन पॉवर लाइन 1090 द्वारा करीब दो लाख 26 हजार शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। साथ ही प्रत्येक शिकायत के संबंध में तीन बार उसका फीडबैक लेकर पीड़िता की पूर्ण संतुष्टि के उपरान्त ही प्रकरण को निक्षेपित किया जाता है।
वूमेन पॉवर लाइन की लोकप्रियता को देखते हुए प्रदेश के शिक्षण संस्थानों व ग्राम्य पंचायतों को इसकी प्रचार-प्रसार सामग्री भेजे जाने व आवश्यकतानुसार प्रस्तुतीकरण की कार्यवाही की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश ही पहला राज्य है, जहां कोई भी महिला बिना किसी हिचकिचाहट के मात्र एक फोन कॉल करके उत्पीड़न संबंधी शिकायत दर्ज कराकर मदद हासिल कर सकती है।






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